आज का पंचांग
दिनांक 13 नवम्बर 2018
विक्रम संवत 2075 विरोधकृत
शक संवत 1940 विलम्बी
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
मास -कार्तिक
पक्ष – शुक्लपक्ष
तिथि षष्ठी रात्रि 02:54 उपरान्त सप्तमी
दिन मंगलवार
नक्षत्र उत्तराषाढ़ा रात्रि 05:09 उपरान्त श्रवणा
योग: शूल
करण : कौलव
सूर्य राशि- तुला
सूर्य नक्षत्र- विशाखा
चंद्र राशि – धनु दिन 09:21 उपरान्त मकर
सूर्योदय- 06:26 (पटना)
सूर्यास्त – 05:16
चन्द्रास्त – 10:48
अशुभ समय
दुर्मुहूर्त: ०८:१८ – ०९:०२
वर्ज्य: ११:३८ – १३:२६
राहुकाल: १४:१५ – १५:३६
गुलिक काल: ११:३३ – १२:५४
यमगण्ड: ०८:५१ – १०:१२
?शुभ समय?
अभिजित मुहूर्त: ११:११ – ११:५५
अमृत काल: २२:२५ – २४:१३+
? शिव वास -:*
6 + 6 + 5 = 17 ÷ 7 = 3 शेष
वृषभपृष्ठ पर = अभिष्टसिद्धिदायक
अग्निवास : 6 + 1 + 3
=10 ÷ 4 = 2 शेष
पाताल में = धननाशक
राहु काल वास: पश्चिम में
नक्षत्र शूल : कोई नही
चन्द्र वास : पूर्व में दिन 09:21 उपरान्त दक्षिण में
दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा और वायव्य कोण का दिशाशूल होता है यदि यात्रा अत्यंत आवश्यक हो तो गुड़ का सेवनकर प्रस्थान करें।
?आज का व्रत त्योहार?
सूर्य षष्ठी (डाला छठ) व्रत। प्रतिहार षष्ठी। स्कन्द षष्ठी। सायंकालीन अर्घ्यदान। अरुणोदय में द्वितियार्घ्य।
पश्चिम दिशा में गुरु अस्त।
सूर्य अर्घ्य मन्त्र:
1 एहि सूर्य ! सहस्त्रांशो !तेजोराशे ! जगत्पते | अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं नमोस्तुते ||
? तापत्रयहरं दिव्यं परमानन्दलक्षणम् |तापत्रयविमोक्षाय तवार्घ्यं कल्प्याम्यहम् ||
? नमो भगवते तुभ्यं नमस्ते जातवेदसे | दत्तमर्घ्य मया भानो ! त्वं गृहाण नमोस्तुते ||
? अर्घ्यं गृहाण देवेश गन्धपुष्पाक्षतैः सह | करुणां कुरु मे देव गृहाणार्घ्यं नमोस्तुते ||
? नमोस्तु सूर्याय सहस्त्रभानवे नमोस्तु वैश्वानर- जातवेदसे | त्वमेव चार्घ्य प्रतिगृह्ण देव ! देवाधिदेवाय नमो नमस्ते ||
? वैदिक मन्त्र : ऊँ आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यण्च । हिरण्य़येन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन ।।
??आज का विचार??
दुसरो को समझना बुद्धिमानी है , खुद को समझना असली ज्ञान
दुसरो को काबू करना बल है , और खुद को काबू करना बास्तविक शक्ति है
जिसने संसार को बदलने की कोशिश की वो हार गया और जिसने खुद को बदल लिया वो जीत गया।
?आपका दिवस मंगलमय हो।?
धनंजय मिश्र 9304125258,7070705747




