पश्चिमी चंपारण के भितिहरवा आश्रम में पाठशाला (बुनियादी विद्यालय) का कायाकल्प किया गया है

 महात्मा गांधी के सपनों को फिर से पंख लगाने की बिहार सरकार तैयारी कर रही है. इसी कड़ी में चंपारण शताब्दी वर्ष और पश्चिमी चंपारण के भितिहरवा आश्रम में गांधी द्वारा स्थापित दूसरी पाठशाला (बुनियादी विद्यालय) का कायाकल्प किया गया है. इसके अलावा बड़हरवा लखनसेन गांव की पहली पाठशाला, वृंदावन, मधुवन, शेखधुरवा और रानीपुर की पाठशाला का भी जीर्णोद्धार किया जा रहा है.  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को भितिहरवा जायेंगे और वहां आयोजित समारोह में शामिल होंगे. भितिहरवा में चल रही दूसरी पाठशाला में नयी बिल्डिंग, क्लास, लाइब्रेरी,  बाउंड्री का निर्माण किया गया है और खेल के मैदान को तैयार किया गया है. 1917 के चंपारण सत्याग्रह में गांधी का साथ देने वाले  और गवाही देने वालों की कहानियों को शिक्षा विभाग एक किताब का रूप दिया है. ‘भितिहरवा आश्रम एवं चंपारण आंदोलन में स्त्री-स्वर’ नामक किताब में उन 19 महिलाओं की गवाही को रखा गया है, जिन्होंने चंपारण आंदोलन में महात्मा  गांधी का साथ दिया था और अपनी शिकायत दर्ज करायी थी. समारोह में कला संस्कृति विभाग की ओर से प्रदर्शनी भी लगायी जायेगी, जिसका निरीक्षण मुख्यमंत्री करेंगे. इसके बाद वह एक सभा को भी संबोधित करेंगे. समारोह में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार, कला व संस्कृति मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह  समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे.

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