भाजपा नेता का दलित – पिछड़ा विरोधि चरित्र उजागर

पटना : राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा है कि भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सांसद संजय जायसवाल द्वारा किए गए एक ट्वीट ने भाजपा का दलित और पिछड़ी जातियों के प्रति उसके घटिया सोच को उजागर कर दिया है। ज्ञातव्य है कि राजद के एक ट्वीट में पिछड़े और दलित समाज के लोगों को अंध विश्वास से हटकर बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने की नसीहत दी गई थी। जिसे भाजपा सांसद हजम नहीं कर सके। वे नहीं चाहते कि दलित और पिछड़ी जाति के बच्चे अच्छी शिक्षा ग्रहण करे । उनकी मंशा यही रहती है कि दलित और पिछड़ी जाति के बच्चे अंधविश्वास में पड़ कर भाजपा के लिए राजनीतिक खाद बनते रहें। और उनकी राजनीति चमकती रहे साथ हीं उनके बच्चे अच्छी शिक्षा ग्रहण करते रहें।

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राजद प्रवक्ता ने कहा कि मात्र डिग्री ले लेने से कोई ज्ञानी और संस्कारी नहीं बन जाता इसके सबसे अच्छे उदाहरण खुद माननीय सांसद जी हीं हैं। डिग्री तो मैनेज भी किया जाता है और खरीदा भी जाता है। पर संस्कार और ज्ञान न तो खरीदा जा सकता है और न मैनेज किया जा सकता है। माननीय सांसद महोदय ने डिग्री भले हीं ले लिया हो पर वे कितना ज्ञानी और संस्कारी हैं यह तो उनकी भाषा और शब्द हीं बता रहे हैं। जिसका अप्रत्यक्ष प्रयोग उनके द्वारा एक संवैधानिक पद पर बैठे हुए व्यक्ति के लिए किया गया है। जिसके पिता के राजनीतिक पाठशाला में शरणागत होकर उन्होंने राजनीति की शुरुआत की थी।

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राजद प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा सांसद को शायद ‘हराम’ शब्द का अर्थ मालूम नहीं है। ‘हराम’ शब्द का इस्तेमाल तो उन्हीं जैसे लोगों के लिए किया जाता है जिन्हें डॉक्टर बनने में जनता का लाखों रुपया खर्च हुआ ‍और वे डॉक्टर का मूल पेशा छोड़ कर राजनीति में आ गए।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि यह भाजपा की हीं संस्कृति है जिसके नेता का बेटा भले हीं बैट और बॉल नहीं पकड़ा हो पर वह बीसीसीआई का सीक्रेटरी बन जाता है। पर जिसके शैक्षणिक योग्यता पर भाजपा नेता सवाल खड़े कर रहे हैं वह डिग्रीधारी भाजपा नेताओं को लगातार बोल्ड करते रहे हैं।

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