कृषि कानूनों के खिलाफ जाप नेताओं ने किया चक्का जाम

पटना, 6 फरवरी: किसानों के भारत बंद (चक्का जाम) के समर्थन में जन अधिकार पार्टी (लो) ने दीदारगंज टोलप्लाज़ा के पास प्रदर्शन किया. जाप नेताओं ने एनएच जाम कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कृषि कानून वापस लेने की मांग की. विरोध-प्रदर्शन राजधानी पटना सहित प्रदेश के सभी जिलों में किए गए.

प्रदेश अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि ये कृषि कानून नहीं काला कानून है. कानून किसानों के लिए बनाए गए हैं लेकिन बिना उनके परामर्श के. किसान दो महीने से ज्यादा समय से बोल रहा है कि उसे ये तीन कानून नहीं चाहिए लेकिन सरकार किसानों की बातों को सुनने को तैयार नहीं है. राज्य भर में एनएच और एसएच पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किए गए.

राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचंद सिंह ने कहा कि वर्तमान में जो मंडी सिस्टम है उसमें किसानों को उनके अनाज का पूरा पैसा मिलता है लेकिन यदि प्राइवेट मंडियां बनी तो उसमें किसानों को अपनी मेहनत का पूरा पैसा नहीं मिलेगा. फिर धीरे-धीरे सरकारी मंडियों को समाप्त कर पूरे मंडी सिस्टम को पूंजीपतियों के हवाले कर दिया जाएगा. यह किसानों की आर्थिक कमर तोड़ने जैसा है.

पटना जिला अध्यक्ष सच्चिदानंद यादव ने कहा कि किसानों पर किसी भी प्रकार का अत्याचार हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. जब कृषि कानून संसद में पेश किए गये थे, तभी से हम इसका विरोध कर रहे और जब तक किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी.

पटना में दीदारगंज टोलप्लाज़ा के पास प्रदर्शन का नेतृत्व सच्चिदानंद यादव ने किया.

इस दौरान पार्टी की महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष रानी चौबे, राजेश रंजन पप्पू, पूर्व विधायक भाई दिनेश, राजू दानवीर, वरूण सिंह, श्यामदेव चौहान, नवल किशोर, भानु जी, रेणु जायसवाल, रवीन्द्र पांडेय, धनंजय मिश्रा, छात्र नेता मनीष यादव, आज़ाद चाँद, गौतम आनंद, शशांक मोनू, नीतीश सिंह, आशीष विकास समेत पार्टी के तमाम नेता मौजूद थें.

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