Data Entry Opretor को भी अधिक जिम्मेदारी देने पर विभाग विचार कर रहा है

संस्कार, संस्कृति, सभ्यता और ज्ञान इंसान के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आम इंसान के साथ-साथ अगर सरकारी कर्मी भी इससे प्रेरित होकर काम करेंगे तो बेहतर ढंग से अपने कार्य का निष्पादन कर सकते हैं। ईमानदारी हमारी सबसे प्रमुख नीति होनी चाहिए। इससे शुरूआती दौर में आपको कठिनाई हो सकती है किन्तु आगे चलकर इससे काफी फायदा होगा। लोगों के बीच आपका सम्मान बढ़ेगा। काम ऐसे करना है जिससे विभाग, सरकार और समाज सबका हित सधे। इस तरह की बातें आज ज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री श्री राम सूरत कुमार ने कही। मंत्री नवनियोजित डाटा इंट्री आॅपरेटरों के एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यषाला का शुभारंभ कर रहे थे। इस मौके पर विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री विवेक कुमार सिंह, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेषक श्री जय सिंह, निदेषक, भू-अर्जन श्री सुषील कुमार, संयुक्त निदेषक, चकबंदी श्री जय सिंह समेत विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने मंच से ही विभागीय अधिकारियों को नवनियोजित डाटा इंट्री आॅपरेटरों में 11 बेहतर कर्मियों का चयन करने और उन्हें मंत्री जी की तरफ से एक-एक पेन ड्राइव और 1-1 पार्कर का पेन उपहार के तौर पर देने का निदेष दिया। मंत्री महोदय ने यह भी हिदायत दी कि डाटा इंट्री आॅपरेटर ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए अपने इलाके के जन-प्रतिनिधियों से पैरवी नहीं कराएंगे। बेहतर काम करनेवाले कर्मियों को विभाग खुद ही मनचाही पोस्टिंग देगा। साथ ही उन्होंने कहा कि अच्छे काम करने वाले डाटा इंट्री आॅपरेटरों को भी अधिक जिम्मेदारी देने पर विभाग विचार कर रहा है। संविदा कर्मियों की नौकरी परमानेंट हो, इसकी शुभकामनाएं दीं।
इस मौके पर विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री विवेक कुमार सिंह ने कहा कि ऐतिहासिक कारणों से बिहार मे भूमि संबंधी दस्तावेजों की हालत ठीक नहीं है। लेकिन 2017 से इस संबंध में लगातार काम हो रहा है। डिजिटाइजेषन का काफी सारा काम हो चुका है, उसमें सुधार का काम भी जारी है, परिमार्जन जैसे पोर्टल के जरिए डिजिटल डाटा में सुधार किया जा रहा है। इसके साथ ही उस डाटा को डिलिवर करने का काम भी किया जाना है। डाटा इंट्री आॅपरेटरों को इसी काम में लगाया जा रहा है। परिमार्जन के जरिए पंजी-2 की इंट्री में की गई गलत इंट्री को सुधारा जाना है जबकि आधुनिक अभिलेखागार के जरिए डिजिटल डाटा को आम लोगों का उपलब्ध कराया जाना है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि आज के दौर में ई-आॅफिस का काॅन्सेप्ट है। इसलिए पहले के उलट डाटा इंट्री आॅपरेटरों को निर्णय लेने का अधिकार भी दिया गया है।
विभाग ने आधुनिक अभिलेखागार सह डाटा केन्द्र के लिए पहले चरण में 534 डाटा इंट्री आॅपरेटरों की सेवाएं ली हैं। आज के दिन 534 डाटा इंट्री आॅपरेटरों में से 492 डाटा इंट्री आॅपरेटरों ने भाग लिया। इन सभी डाटा इंट्री आॅपरेटरों का चयन बेल्ट्राॅन द्वारा किया गया है। विभाग के संयुक्त सचिव श्री कंचन कपूर ने कहा कि आज ही उनका पदस्थापन अंचल कार्यालयों में स्थित आधुनिक अभिलेखागार-सह-डाटा केन्द्र में कर दिया जाएगा। आज शाम में विभाग के वेबसाइट पर सभी इंट्री आॅपरेटरों का पदस्थापन कर दिया जाएगा। 22 सितंबर तक सबों को अपने आवंटित अंचल में योगदान कर लेना है। इनमें एक तिहाई पद महिला कर्मियों द्वारा भरा गया है। इन कर्मियों को अंचल अधिकारी के सहयोग से परिमार्जन और एल0पी0सी0 की जिम्मेदारी निभानी है।
राजस्व दस्तावेजों के आधुनिकीकरण और उसका डिजिटाइजेषन करने, उन्हें सुरक्षित तरीके से रखने एवं मामूली शुल्क लेकर आम जनता को उपलब्ध करवाने के लिए माॅडर्न रिकाॅर्ड रूम की परिकल्पना की गई है। इसके तहत बिहार के 534 में से 441 अंचलों में आधुनिक अभिलेखागार सह डाटा केन्द्र का 2 मंजिला भवन बनकर तैयार हो चुका है। भू अभिलेख एवं परिमाप निदेषालय द्वारा इन सभी 441 अंचलों में आधुनिक अभिलेखागार के मद में 16.10 लाख प्रति अंचल आवंटन भी दिया जा चुका है। फिलहाल 163 अंचलों में जरूरी सामानों की आपूर्ति भी की जा चुकी है। इन अंचलों में आधुनिक अभिलेखागार की परिकल्पना साकार होने जा रही है।
सरकार ने यह तय किया है कि फिलहाल 16 तरह के दस्तावेजों को आम लोगों का उपलब्ध करवाया जाएगा। इनमें जमाबंदी पंजी, नामातंरण पंजी, नामातंरण अभिलेख, नामातंरण शुद्धि पत्र, गैरमजरूआ आम/खास/कैसरे हिंद की भूमि पंजी आदि शामिल है। बाद में इस सूची में अन्य राजस्व दस्तावेजों को शामिल किया जाएगा। विषेषकर भूमि सर्वेक्षण एवं चकबंदी से प्राप्त खतियान और राजस्व नक्षों को इन्हीं आधुनिक अभिलेखागारों के जरिए उपलब्ध करवाने की योजना है। इसके लिए 10 रूपये से शुरू कर अधिकतम 150 रूपये का अधिकतम शुल्क रखा गया है।

अंचल के दो महत्वपूर्ण कार्य पंजी-2 में सुधार और भू-कब्जा प्रमाण पत्र निर्गत करने में डाटा इंट्री आॅपरेटरों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। अंचल अधिकारी की स्वीकृति के बाद डाटा इंट्री आॅपरेटर ये कार्य कर सकेंगे। इसके लिए जल्द ही विभाग सभी इंट्री आॅपरेटरों को डिजिटल सिग्नेचर करने के सुविधा भी उपलब्ध करवा रहा है। ताकि यह काम पारदर्षी तरीके से और जवाबदेही के साथ पूरा किया जा सके। विभाग की योजना हरेक आधुनिक अभिलेखागार सह डाटा केन्द्र में 4 डाटा इंट्री आॅपरेटरों की बहाली की है। जैसे-जैसे काम बढ़ेगा अब कर्मियों का नियोजन होगा।
सभी नवनियुक्त कर्मियों का डाटा त्2त् साॅफ्टवेयर में फीड किया जाएगा और उनके बारे में सारी जानकारी आॅनलाइन उपलब्ध रहेगी। उनका स्थापना भी विभाग में ही रहेगा। यानि उनकी ट्रांसफर-पोस्टिंग भी विभाग से ही होगी। पोस्टिंग के बारे में स्पष्ट कर दिया गया कि किसी भी पुरुष कर्मी की नियुक्ति अपने प्रमंडल में नहीं होगी जबकि महिला कर्मी की नियुक्ति अपने गृह जिला के बाहर होगी।

आज की कार्यषाला के बाद सभी कर्मियों को प्रषिक्षण हेतु अपने जिला में गृह अंचल के अलावे किसी अन्य अंचल में कुछ दिनों के लिए भेजा जाएगा। पदस्थापना के बाद सभी नवनियुक्त डाटा इंट्री आॅपरेटर को 6 दिवसीय प्रषिक्षण हेतु बुलाया जाएगा। प्रषिक्षण में सैद्धांतिक और व्यवहारिक दोनों पहलुओं को शामिल किया गया है। प्रषिक्षण 60-60 कर्मियों के बैच में दिया जाएगा। यह प्रषिक्षण पटना के शास्त्रीनगर स्थित सर्वे प्रषिक्षण में दिया जाएगा। अपर मुख्य सचिव ने प्रषिक्षण कार्यक्रम का षिड्यूल बनाने का जिम्मा आई0टी0 मैनेजर एवं सर्वे संस्थान की तकनीकी शाखा को दिया है।

Report by: Vivek kr.

इसे भी पढ़े –कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग

Leave a Comment

43 + = 50