मोतिहारी में भूमि राजस्व घोटाले में शामिल पदाधिकारियों और भाजपा नेता पर एफ आई आर दर्ज करके जमीन रजिस्ट्री रद्द करने की मांग

राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता एजाज अहमद ने अपने वक्तव्य में आरोप लगाया कि बिहार में सत्तारूढ़ दल के नेताओं के द्वारा बिहार में जमीन रजिस्ट्री के नाम पर बड़े पैमाने पर सरकारी राजस्व की हेराफेरी एवं लूट की जा रही है,और करोड़ों रुपए का चूना रजिस्ट्री ऑफिस के पदाधिकारियों के साथ सांठगांठ करके की जा रही है ।एक ऐसा ही मामला सत्तारूढ दल के भाजपा नेता के द्वारा मोतिहारी में रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके 8 करोड़ रूपए के राजस्व का चूना लगाया गया। और इस मामले की लीपापोती का भरसक प्रयास किया गया लेकिन यह मामला एक साल बाद उजागर हुआ है जबकि रजिस्ट्री पिछले साल 14 मार्च 2020 को ही कि गई थी और इसमें नेता और पदाधिकारी मालामाल हो गए जबकि सरकार को करोड़ों का राजस्व घाटा हुआ।
नेताओं ने कहा कि यह मामला मोतिहारी रजिस्ट्री कार्यालय के तुरकौलिया अंचल मौजा लक्ष्मीपुर थाना नंबर – 1 12 दस्तावेज नंबर- 2838 – 283 टोकन नंबर -2896 व 2865 से निबंधन किया गया है ,इसके तहत करीब 1400 डिसमिल जमीन का निबंधन हुआ है।जबकि यह भूमि आवासीय और व्यवसायिक लोकेशन पर स्थित है ,लेकिन इसे दो फसलें यानी कृषि योग्य भूमि बताकर रजिस्ट्री कराई गई ,और इसमें राजस्व का बड़ा घोटाला हुआ ।इस रजिस्ट्री में तमाम नियमो और कायदों को ठेंगा दिखाते हुए जमीन की सरकारी कीमत आंकड़ों में सिर्फ 12 करोड़ 55 लाख 81 हजार रुपये ही दर्शाया गया है ,जबकि सरकार की तरफ से जो एमवीआर लागू है उसके अनुसार थाना नंबर -1 12 मौजा लक्ष्मीपुर का रेट व्यवसायिक भूमि 6 लाख प्रति डिसमिल ,रोड साइड का 4 लाख प्रति डिसमिल ,वासकित जमीन का 2 . 5 लाख प्रति डिसमिल, और डेवलपिंग का 2लाख प्रति डिसमिल दर्ज है ,जबकि दो फसली यानी कृषि योग्य भूमि 90 हजार प्रति डिसमिल सरकारी रेट तय की हुई है । यहीं पर मिलीभगत करके रजिस्ट्री कार्यालय के पदाधिकारियों, कर्मचारियों और जमीन क्रेता ने मिलीभगत करके व्यवसायिक जमीन को दो फसली जमीन यानी कृषि योग्य भूमि बताकर रजिस्ट्री करवा ली और करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया ।जहां जमीन का सरकारी रेट 80 से 90 करोड रुपया होना चाहिए था ,वहां सिर्फ 12 करोड 55 लाख 81हजार रुपया दिखाया गया ।और इस तरह से करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया गया । जबकि मोतिहारी के जिला पदाधिकारी और अन्य पदाधिकारी स्वीकार कर रहे हैं ,की जमीन रजिस्ट्री में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है राजस्व का चूना लगाया गया है।
इन्होंने ने कहा कि सारा मामला उजागर होने के बाद भी अब तक इस जमीन की रजिस्ट्री को रद्द क्यों नहीं किया गया और इसमें मिलीभगत में शामिल रजिस्ट्री कार्यालय के पदाधिकारियों, कर्मचारियों और भाजपा नेता पर एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की गई है, जबकि यह मामला एक साल पुराना है ये तो उसी तरह बात है कि सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का। जब भाजपा नेता को यह बात पता है कि भूमि एवं राजस्व विभाग भाजपा के मंत्री के द्वारा चलाया जा रहा है और जिनके भाई पर शराब घोटाले मैं शामिल होने का आरोप है तो उन पर कार्रवाई कौन करेगा ।
एजाज ने मुख्यमंत्री से अविलंब इस मामले में हस्तक्षेप करने राजस्व घोटाले में शामिल रजिस्ट्री कार्यालय के पदाधिकारियों और भाजपा नेताओं पर एफ आई आर दर्ज कराने तथा राजस्व घोटाले में शामिल पदाधिकारियों और क्रेता पर 420 का मुकदमा दर्ज करने तथा अविलंब राज्य हित में इस जमीन की रजिस्ट्री को रद्द करने की मांग की है, अन्यथा राजद भूमि राजस्व घोटाले के खिलाफ मोतिहारी से लेकर पटना तक जन आंदोलन खड़ा करके पोल खोल हल्ला बोल कार्यक्रम के तहत धरना प्रदर्शन तथा अन्य कार्यक्रम चलाकर सरकार की नाकामियों को उजागर करेगा।

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