” होलिका दहन के साथ ही प्लास्टिक दहन पर करे – ना”

‘ तरुमित्रा ‘ के छात्र ने पटना शहर में कुछ इलाक़ों में होलिका दहन में जलाने के लिए इकट्ठी की गई चीजों का रीसर्च किया तो पता चला की होलिका दहन में लोग लकड़ी के अलावा टायर, अलग – अलग प्रकार के प्लास्टिक, चमरा, रेक़सिन आदि लोगों ने इकट्ठा किया है.
इन्वायरॉन्मेंटल साइनस से मास्टर डिग्री कर रहे विभिन्न संस्थानों (जैसे, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार,
संत जेवियर्स कॉलेज , पटना यूनिवर्सिटी, कॉमर्स कॉलेज, ए. एन. कॉलेज ) के कई छात्र – छात्राओं जैसे गुलशन पटेल, कन्हैया, कविता, नीरज कुमार, विकास ने अपने मेंटर एस. दर्शन के साथ मिलकर इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस से पर्यावरण के साथ ही आस- पास रहने वाले लोगों को भी भयंकर बीमारी का इक्स्पोज़र को सकता है. छात्रों ने शुक्रवार को पटना नगर निगम के असिस्टेंट कमिसनर, श्रीमती शीला ईरानी जी से मिल कर अपनी चिंताओं को व्यक्त किया.

श्रीमती शीला ईरानी जी ने इन समस्याओं का संज्ञान लेते हुए हर प्रकार की मदद का आश्वासन दिया.

तरुमित्र के छात्रों ने पटना के रामनगरी मोड़ के पास होलिका दहन के लिए इकट्ठी की गई वस्तुओं में से टायर, प्लास्टिक और अन्य चीजों को अलग कर नगर निगम की गाड़ी में डाला और आस – पास के लोगों को इन प्रदुषण उत्पन्न करने वाली वस्तुओं को जलने से होने वाली बीमारियों के बारे में जागरूक किया.

इसके बाद आस पास के लोगों ने कहा कि वो ध्यान रखेंगे की होलिका में प्लास्टिक, टायर इत्यादि को नहीं जलाया जाए. जलने के बदले उन्हें कबाड़ में भेजेंगे ताकि उनका पुनःचक्रण हो सके और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका अदा कर सके.

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