घबराइये नहीं, हमारे पास बहुमत है-नीतीश

बिहार विधानसभा में सोमवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले जेडीयू में सेंधमारी की चर्चा आम है. फ्लोर टेस्ट से पहले रविवार की रात बुलायी गयी जेडीयू विधायकों की बैठक से कम से कम चार विधायक गायब रहे. लेकिन अपनी पार्टी के विधायकों को नीतीश ने कहा-आप लोग घबराइये नहीं, कुछ नहीं होने जा रहा है. संख्या बल हमारे पास है.

बता दें कि 9 फरवरी को ही जेडीयू ने अपने तमाम विधायकों को पटना में मौजूद रहने को कहा था. 10 फरवरी की दोपहर पार्टी ने अपने विधायकों को मंत्री श्रवण कुमार के आवास पर बुलाया था लेकिन पांच विधायक बैठक में नहीं पहुंचे थे. शनिवार को इस बैठक के बाद मंत्री श्रवण कुमार ने सफाई दी थी निजी कारणों से विधायक पटना से बाहर हैं. लेकिन 11 फरवरी की रात मंत्री विजय चौधरी के आवास पर होने वाली बैठक में सारे विधायक मौजूद रहेंगे.

दैनिक पंचांग

लेकिन फ्लोर टेस्ट से पहले की रात यानि रविवार की रात को मंत्री विजय चौधरी के आवास पर बुलायी गयी बैठक से पार्टी के कम से कम चार विधायक गायब रहे. विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जेडीयू की इस बैठक में विधायक सुदर्शन, बीमा भारती, दिलीप राय औऱ डॉ संजीव कुमार नहीं पहुंचे. पार्टी के विधायक इस तरह तितर बितर हुए कि मंत्री श्रवण कुमार आखिर आखिर तक उन्हें समेटने की कोशिश करते रहे. लेकिन वे सफल नहीं हो पाये. शाम 5 बजे शुरू होने वाली बैठक में श्रवण कुमार दो विधायकों को अपनी गाड़ी में बिठा कर पहुंचे. इनमें सुधांशु शेखऱ, अमन भूषण हजारी के साथ श्रवण कुमार बैठक में शामिल होने पहुंचे.

नीतीश की पार्टी के लिए चिंता की सबसे बड़ी बात ये है कि पार्टी के जो चार विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए उनके मोबाइल बंद हैं. पार्टी के विधायक सुदर्शन कुमार का मोबाइल आउट ऑफ नेटवर्क है. वहीं बीमा भारती का मोबाइल बंद है और उसमें बांग्ला भाषा में मोबाइल बंद होने की जानकारी मिल रही है. इसका मतलब ये है कि वो पश्चिम बंगाल में हैं. वहीं, विधायक दिलीप राय और डॉ संजीव का भी मोबाइल बंद है.

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राजनीतिक गलियारे में चर्चा ये है कि जेडीयू में सेंधमारी हो गयी है. इसके कारण भी हैं. बरबीघा से विधायक सुदर्शन कुमार काफी पहले से मंत्री अशोक चौधरी से नाराज हैं. उन्होंने नीतीश कुमार से भी शिकायत की थी लेकिन अशोक चौधरी पर कोई असर नहीं पड़ा. सुदर्शन इस मामले को लेकर लंबे अर्से से नाराज हैं. उधऱ, जेडीयू विधायक बीमा भारती भी लंबे अर्से से नाराज हैं. वे मीडिया के सामने आकर तत्कालीन मंत्री लेसी सिंह के खिलाफ जमकर बयान देती रही हैं. बीमा भारती की नाराजगी के बावजूद लेसी सिंह मंत्री बनी रहीं. लिहाजा बीमा भारती का बैठक में नहीं पहुंचना अलग संकेत दे रहा है.

उधर जेडीयू के एक और विधायक दिलीप राय पर पाला बदलने का शक है. दिलीप राय पहले राजद के ही नेता रहे हैं. वे राजद के विधान पार्षद रह चुके हैं. लेकिन 2020 में पाला बदल कर जेडीयू में आये थे और विधानसभा चुनाव में जेडीयू के टिकट पर विधायक बन गये. लेकिन दिलीप राय की लालू परिवार से नजदीकी जग जाहिर रहीहै. लिहाजा उन पर शक गहरा रहा है.

इस बीच रविवार की शाम नीतीश कुमार ने अपने विधायकों से कहा कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है. जेडीयू के सारे विधायक एकजुट हैं. नीतीश कुमार ने कहा कि विधायकों को सदन में एकजुट रहकर विपक्ष को जवाब देना है. मुख्यमंत्री ने अपने विधायकों से कहा कि फ्लोर टेस्ट के दौरान विपक्ष के लोग सदन में अव्यवस्था फैला सकते हैं लेकिन जेडीयू के विधायकों को कोई उत्तेजना नहीं दिखाना है. हमारे पास संख्या बल है और विश्वासमत हासिल करेंगे.

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उधर, जेडीयू की बैठक के बाद मंत्री विजय चौधरी ने भी मीडिया से बात की. विजय चौधरी ने कहा कि पार्टी के दो-तीन विधायक बैठक में नहीं पहुंचे लेकिन वे सब इजाजत लेकर गये हैं. उन्होंने अपने बाहर होने की जानकारी पार्टी को पहले ही दे दी थी. वे सब समय पर विधानसभा पहुंच जायेंगे. विजय चौधरी ने कहा कि सरकार के विश्वासमत जीतने में किसी तरह का कोई खतरा नहीं है. सोमवार को पहले सदन में मौजूदा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जायेगा औऱ फिर सरकार विश्वासमत हासिल करेगी. हालांकि मीडिया के बार बार पूछने के बावजूद विजय चौधरी ने उन विधायकों का नाम बताने से इंकार कर दिया जो बैठक में नहीं पहुंचे थे|

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