शिक्षा और संस्कार एक-दूसरे के पूरक हैं : कुलपति

स्कूल स्थापना दिवस पर बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मंत्रमुग्ध किया

पटना:  संस्कार और शिक्षा दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं | संस्कार के बिना शिक्षा अधूरी है और शिक्षा के बिना संस्कार अधूरा है | ये बातें रविवार को किड्स मिनीलैंड स्कूल के केंद्रीय विद्यालय के पास कंकरबाग स्थित तीसरी शाखा के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए एमिटी यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ विवेकानंद पांडेय ने कही | उन्होंने शिक्षा के गुणवत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक बच्चों को किताबी ज्ञान देने के साथ संस्कारित भी करें|

समारोह में बच्चों के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम ने लोगों को मंत्रमुग्ध किया | अतिथियों का स्वागत करते हुए किड्स मिनीलैंड के निदेशक सुमित सिंह ने विद्यालय प्रबंधन द्वारा बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए तैयार की गयी योजनाओं पर प्रकाश डाला | उन्होंने कहा कि इस विद्यालय की दो शाखाएं पहले से काँटी फैक्ट्री रोड और खेमनीचक में संचालित है|

समारोह की मुख्य अतिथि मेयर सीता साहू ने कहा कि छात्र-छात्राओं को अपने माता-पिता के साथ अपने गुरुजनों का भी सम्मान करना चाहिए, तब हीं उनकी शिक्षा सार्थक है। विधायक अरुण सिन्हा ने कहा कि संस्कार का प्रथम पाठशाला घर है और दूसरा पाठशाला स्कूल | बच्चों में संस्कार एवं शिक्षा की नींव घर में पहले पड़ती है जो बाद में बच्चों के स्कूल जाने पर विकसित होती है।

कार्यक्रम को डिप्टी मेयर रेशमी चंद्रवंशी, एमिटी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार सिद्धार्थ शंकर ने भी सम्बोधित किया | कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक और बच्चे उपस्थित थे|

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