बीसीए में परिवारवाद का वर्चस्व स्थापित करना चाहते थे पूर्व पदाधिकारी:- कृष्णा पटेल

पटना: आज दिनांक 23 जून 2020 को बीसीए मीडिया कमेटी के संयोजक कृष्णा पटेल ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि आज जो लोग बीसीए में अशांति फैला कर खेल और खिलाड़ियों के विकास में अवरोध पैदा करना चाह रहे हैं ।
जिसमें उनका निजी स्वार्थ समाहित है । बीसीए के पूर्व पदाधिकारी सत्ता से दूर रहने के बावजूद परिवारवाद का वर्चस्व स्थापित कर बीसीए को मनमानी तरीके से संचालित करना चाह रहे थे । वर्तमान बीसीए कमेटी से पूर्व पदाधिकारी अपने पुत्र को बीसीए का सीईओ बनवाना चाहते थे। जबकि खुद को बीसीए एडवाइजरी कमिटी का चेयरमैन के रूप में पदस्थापित करना चाह रहे थे। जिसका कानो – कान किसी को खबर नहीं थी और अंदर ही अंदर यह खिचड़ी बन रही थी।
जिनके मंसूबे को भांपते हुए बीसीए के वर्तमान पदाधिकारियों कि सहमति नहीं बनी और जब इनकी खिचड़ी की दाल नहीं गली तो जिला संघों को दिग्भ्रमित करने लगे हैं।
वहीं बीसीए और कुछ जिला संघ के पदाधिकारियों का हस्ताक्षर कराकर बीसीए के लिए हमेशा से खलनायक की भूमिका निभाने वाले लोगों के साथ हाथ मिलाकर बीसीए को जबरन पुनः कोर्ट में घसीटने की तैयारी कर रहे हैं।
अब आप ही बताएं कि क्या बीसीए में परिवारवाद या जातिवाद को बढ़ावा देना उचित है ?
क्या राजनीति के क्षेत्र में भी कोई सत्ताधारी पार्टी अपने विपक्षी को सलाहकार समिति का चेयरमैन बना सकता है ?
अगर नहीं तो मैं क्रिकेट के रहनुमाओं और जिला संघ के पदाधिकारियों से आग्रह करता हूं कि जातिवाद और परिवारवाद से ऊपर उठकर खेल और खिलाड़ियों के बेहतर भविष्य की कल्पना करते हुए बीसीए के विकास में अपना सहयोग दें ।
लेकिन कुछ लोग नहीं चाहते हैं की बीसीए एक मजबूत परिवार के रूप में पले- बढ़े और बिहार क्रिकेट संघ का विकास हो और वह हमेशा इसी फिराक में रहते हैं कि बीसीए में फूट डालो और शासन करो।
ताकि बीसीसीआई के सामने बीसीए को बदनाम कर वह अपने क्रिकेट संघ की मान्यता के लिए सिफारिश कर सकें ।
क्योंकि बीसीए को मटिया मिल करने के लिए पहले भी इनकी कोशिश रही है । जिसमें इन्होंने पूर्व सचिव के कार्यकाल में तरह-तरह के वीडियो ,सीडी व कई कागजात बीसीसीआई के पटल पर रख कर बीसीए की सदस्यता को समाप्त करने की नाकाम साजिश रच चुके हैं।
इसीलिए मैं बीसीए मीडिया कमेटी के संयोजक होने के नाते बीसीए के पूर्व व वर्तमान पदाधिकारीगण, सभी जिला संघों के पदाधिकारीगण , खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को ध्यान आकृष्ट कराना चाहता हूं कि ऐसे साजिशकर्ता से सावधान हो जाएं और एकजुट होकर बीसीए के हाथों को मजबूत करें।

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