उत्तर बिहार मे आयी बाढ पर राहत बचाव कार्य मे पूरी तरह विफल है सरकार:-रजनीश तिवारी।

पटना: उत्तर बिहार मे बाढ़ से भारी तबाही को लेकर जन अधिकार पार्टी(लो) के युवा परिषद के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश तिवारी ने कहा की
आज बिहार के दर्जन भर से अधिक जिले बाढ़ ग्रस्‍त हैं, लेकिन प्रदेश की सरकार का रवैया उदासीन है। भले ही सरकार के मंत्री हवाई सर्वे कर आये हैं, फिर भी ग्रांउड जीरो पर सरकार की ओर से राहत व बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ है हवाई सर्वे से जनता की समस्याओं का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता यह सरकार सिर्फ सारे कार्य हवा हवाई करती है।

उन्‍होंने कहा कि 15 साल से एनडीए सरकार सत्ता में है लेकिन अभी तक कोसी, मिथिलांचल और सीमांचल में बाढ़ की समस्‍या खत्‍म नहीं हुई हर वर्ष बाढ़ से भारी तबाही का सामना बिहार की जनता को करना पड़ता है नीतीश कुमार की सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है, चाहे वह लॉ एंड ऑर्डर का सवाल हो या अस्‍पताल का सवाल हो।

उन्‍होंने कहा कि बाढ़ नेताओं, पदाधिकारियों और ठेकेदारों के लिए किसी उत्‍सव से कम नहीं है। ये चाहते हैं कि बाढ़ आये, ताकि ये राहत, बचाव और पुनर्वास के नाम पर करोड़ों रूपये का बंदर बांट कर सकें। आखिर क्‍या वजह है कि कोसी इलाके में बाढ़ से बचाव के लिए बांध पर दो लाख करोड़ से ज्‍यादा रूपए खर्च हो चुके हैं, फिर भी बाढ़ हर साल आती है। बांध हर साल टूटते हैं।

ऐसे में इसकी जिम्‍मेवारी तय क्‍यों नहीं होती है। इसलिए हम मांग करते हैं कि इस मामले में जिम्‍मेवारी तय हो और दोषियों पर कार्रवाई है।

एक साथ कई समस्याओं से जूझ रहा है बिहार एवं बिहार के नागरिक लेकिन जनता के समस्याओं से बेखबर ‘चिरनिंद्रा’ में सोई हुई है बहरी-गूंगी सरकार कोरोना के बढ़ते संक्रमण एवं बाढ़ से भारी तबाही के बीच सरकार के मंत्री ,विधायक जदयू के वर्चुअल सम्मेलन में जुटे हुए हैं हर रोज डिजिटल सम्मेलन से अपने कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी में जुटाए हुए है उन्हें तनिक भी बिहार की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है अस्पतालों का स्थिति दयनीय है कोरोना मरीज को एडमिट तक नहीं लिया जा रहा है ,आइसोलेशन वार्ड तक पानी जमा हो जा रहा है ,लोग इलाज के अभाव में सुसाइड कर रहे हैं ,डॉक्टरों को पीपी किट मुहैया नहीं कराया जा रहा है ,खाली पड़े बेड और जिला अस्पतालों में डॉक्टर की टीम वेंटिलेटर व टेक्नीशियन का अभाव है अस्पतालों में कोरोना मरिजो का कोई सुध लेने वाला नहीं है 15 वर्षों के शासन में स्वास्थ्य व्यवस्था में कोई सुधार ना होना आज बिहार की जनता के लिए मौत का कारण बना हुआ है लोग अस्पताल में जा तो रहे हैं प्राण की रक्षा के लिए लेकिन अस्पताल में कू-व्यवस्था के कारण उनकी जान चली जा रही।

रजनीश तिवारी ने कहा कि उत्तर बिहार कोसी ,मिथिलांचल और सीमांचल क्षेत्र में बाढ़ से भयावह स्थिति बनी हुई है लाखों जिंदगी खतरे में है सरकार की ओर से कोई भी राहत कार्य नहीं चलाए जा रहे हैं अभी तक ना कोई राहत शिविर ना ही एनडीआरएफ की टीमें और ना ही नाव की व्यवस्था की गई है 11 जिले रेड अलर्ट पर हैं लोग प्राण संकट में डाल कर जैसे-तैसे आवागमन कर रहे हैं बाढ़ क्षेत्र मे घोर संसाधनों का अभाव है खाने पीने तक के लाले पड़े हुए जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक सभी जिलों में राहत शिविर लगाई हुई है जाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पिछले एक महीने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में दौरा कर रहे हैं और लोगों को रेस्क्यू कर उन्हें हर संभव मदद कर रहे हैं लेकिन सरकार अभी तक सोई हुई है किसी प्रकार का आर्थिक पैकेज का घोषणा हुआ है अभी तक केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं किया है हजारों एकड़ में भारी फसल की बर्बादी हुई है किसान सड़क पर आ गए हैं लेकिन भारी तबाही के बीच सरकार की ओर से मात्र ₹6000 की घोषणा करना यह दर्शाता है कि सरकार की सारी संवेदनाएं मर चुकी है सरकार जनता की बचाव और राहत कार्य व क्षतिपूर्ति में सिर्फ खानापूर्ति कर रही है उन्हें सिर्फ चुनाव की चिंता है बिहार कोसी सीमांचल मिथिलांचल क्षेत्र की जनता का कोई दायित्व जिम्मेवारी उनकी नहीं बनती है रजनीश तिवारी ने केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज और राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का मांग किया है साथ ही साथ बिहार सरकार से हर बाढ पीड़ित परिवार को खाते में ₹15000 की मुआवजा ,बाढ़ क्षेत्र मे मेडिकल टीम ,नाव्ं एनडीआरएफ की टीम और राहत शिविर किसानों के बर्बाद हुए फसल की क्षतिपूर्ति देने का मांग उन्होने किया है।

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