30 मिनट से ज्यादा थाना बैठाया तो नप जाएंगे थानेदार

बिहार में थानेदारों के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। थाने में यदि कोई व्यक्ति आवेदन लेकर आता है तो उसे तत्काल रिसीविंग दी जानी चाहिए। अगर शिकायत मिली कि वे रिसीविंग लिए बगैर चले गए तो थानेदार अथवा अपर थानाध्यक्ष घर जा कर उन्हें स्लीप देंगे। थाने में आए किसी भी व्यक्ति से 30 मिनट के अंदर थानेदार मुलाकात करेंगे। इससे अधिक समय लगने पर उचित कारण बताना होगा

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उनकी बातों को विनम्रता पूर्वक सुनेंगे और अशिष्ट व असभ्य भाषा का प्रयोग नहीं करेंगे। बेवजह थाने पर भीड़ लगाने और फरियादियों को परेशान करने वाले थानेदार मुश्किल में पड़ सकते हैं। ये हिदायत शनिवार को नवनियुक्त थानेदारों के साथ डीआइजी सह एसएसपी राजीव मिश्रा की हुई पहली क्राइम मीटिंग में दी गई।देर रात तक चली इस विशेष बैठक में एसएसपी ने सुदूर इलाकों से आए इंस्पेक्टरों और दरोगाओं को राजधानी की पुलिसिंग एवं चुनौतियों से निपटने के गुर सिखाए। उन्होंने पुलिस महानिदेशक की ओर से पुलिसिंग को लेकर दिए गए 38 सूत्रों का अभ्यास कराया।

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बताया कि पॉक्सो, एससीएसटी समेत विशेष अधिनियम के तहत दर्ज कांडों में 60 दिनों के भीतर चार्जशीट समर्पित की जाए। इसके अलावा रात्रि गश्ती में तेजी, शिकायतों पर अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मतलब साफ़ है कि बिहार में थाने में यदि कोई व्यक्ति आवेदन लेकर आता है तो उसे तत्काल रिसीविंग दी जाएगी। अगर शिकायत मिली कि वे रिसीविंग लिए बगैर चले गए तो थानेदार अथवा अपर थानाध्यक्ष घर जा कर उन्हें पावती देंगे। थाने में आए किसी भी व्यक्ति से 30 मिनट के अंदर थानेदार मुलाकात करेंगे।

 

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