मोहे नटखट श्याम रिझाए।

मोहे नटखट श्याम रिझाए।
ग्वाल-बाल संग वृंदावन में,
घूम-घूम गाय चराए।
यमुना तट पर रास रचइया,
कदम्ब वंशी बजाए।
गोपियन संग करे अटखेली,
माखन घर से चुराए।
मईया यशोदा रूप निहारे,
कान्हा गले से लगाए।
अज्ञानी हम राह भटक कर,
तुम ही राह दिखाए।
विजय खड़ा प्रभु शरण तुम्हारे,
चरणों में शीश झुकाए।
मोहे नटखट श्याम रिझाए।

💐🙏शुभ प्रभात एवं शुभ दिन। पावन पर्व श्री कृष्णजन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाइयाँ। ॐ माधवाय नमः।🙏💐

डॉ. विजय कुमार पाण्डेय

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