मोकामा के लाल विक्रांत को मिला राष्ट्रीय सम्मान

मोकामा : पटना जिले के मोकामा निवासी समाजसेवी एवं पत्रकार विक्रान्त कुमार जिंन्हे “विक्रांत आर्या”के नाम से जानते हैं ,को मिला एक और सम्मान, बता दें को रविवार को दीदी जी फाउंडेशन के द्वारा पटना के कालिदास रंगालय में उन्हें “राष्ट्रीय सम्मान” से नवाजा गया।

कार्यक्रम का उदघाटन उप मुख्यमंत्री रेणु देवी ने किया वहीं , मुख्यातिथि रामकृपाल यादव , राज्य निदेशक डाँ कुमारी ज्योत्सना ,जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद , पद्मश्री विमल जैन मौजूद रहें । कार्यक्रम का आयोजिका डाँ नम्रता आनंद ने विक्रान्त के कार्यों को स्क्रीन प्ले कर उनके कार्यों को देश भर में प्रचार किया साथ ही मंच संचिलन कर सीखा स्वरूप ने विक्रांत के कार्यों को काफी सराहा और लोगों को उनके कार्यों से अवगत करवाया ।

 पिछले सात सालों से विक्रान्त आर्या ने राज्यभर में लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया है और हजारों लोगों को रक्त उपलब्ध करवाकर उनकी जान बचाई हैं। रक्तदान के क्षेत्र में विक्रान्त आर्या एक प्रतिष्ठित नाम है।रक्तदान के अलावे विक्रान्त ने अब तक हजारों बाढ़ पीड़ितों को राशन,वस्त्र सहित और भी सहायता पहुंचाई है। 2017 में विक्रांत ने एक कैसंर पीड़ित बच्ची के इलाज की पूरी जिम्मेदारी ली साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से लगभग 80 हजार की आर्थिक मदद किया । अपने संगठन ‘यूथ फॉर स्वराज’ के माध्यम से विक्रान्त ने अब तक मोलेस्टेशन की पीड़ित दर्जनों महिलाओं को प्रशासनिक मदद पहुँचाने में मदद की है।सैकड़ों लोगों को वृद्धा पेंशन और इंदिरा आवास दिलवाने में मदद की है।स् लम बस्ती में रहने वाले बच्चों को लगातार अपने संगठन के माध्यम से शिक्षा उपलब्ध करवा रहे हैं।

लॉकडाउन के समय महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों,दिल्ली, झारखंड और चेन्नई में जिलाधिकारी के मदद से प्रवासी मजदूरों को बिहार वापसी एवं 25 बंधुआ मजदूरों को मुक्त करवाया।इसके अलावा विक्रान्त के सामाजिक कार्यों की लंबी लिस्ट है। विक्रांत के कार्यों को हाल ही में पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि ने भी खूब सराहा हैं । विक्रान्त को बिहार रत्न सहित कई राष्ट्रीय एवं सम्मान मिला हैं । विक्रान्त लगातार समाजिक कार्यों और लोगों को मदद पहुंचाने में सक्रिय रहते हैं।साथ ही साथ विक्रान्त आर्या ‘स्वराज भारत लाइव’ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल के निदेशक हैं और अपनी टीम के साथ लोगों तक हर खबर को पहुंचाते रहते हैं।

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