भारत का सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी

महेंद्र सिंह धोनी (उर्फ माही, एमएसडी ,कैप्टन कूल  ) झारखंड के 39 वर्षीय लाल व पूर्व भारतीय कप्तान “पद्म भूषण” , “पद्म श्री” और “राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार” से सम्मानित क्रिकेट खिलाड़ी हैं. बीते दिन 15 अगस्त, 2020 को सोशल मीडिया के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की सूचना दी. उन्होंने अपने समर्थक को प्यार और समर्थन देने के लिए शुक्रिया किया.
महेंद्र सिंह धोनी इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने आईसीसी की तीनों बड़ी ट्रॉफ़ी पर कब्ज़ा जमाया है. धोनी की कप्तानी में भारत आईसीसी की वर्ल्ड-टी20 (2007 में), क्रिकेट वर्ल्ड कप (2011 में) और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी (2013 में) का खिताब जीत चुके है. उन्होंने अपने क्रिकेट खेल के दौरान, कुल – 90 टेस्ट मैच खेले जिसमें औसत 38.09 रन के साथ कुल 4876 रन बनाए.
एकदिवसीय, 350 मैचों में 297 परियाॅ खेले और 10773 रन बनाये. जिसमें 10 शतक और 50 अर्धशतक थे. वही T-20 के 98 मैचों में 1617 रन जड़े. इनकी सर्वश्रेष्ठ नावाद पारी 183 रन की रही. अपना आखिरी टेस्ट मैच 26 दिसम्बर, 2014 और ओडीआई 9 जुलाई, 2019 को खले थे. मानो ये धोनी युग हो. माही अपने सारे क्रिकेट टीम सदस्यों से मिलकर काम करते और उनको सम्मान भी देते. टीम को जीतते – जीतते हार की तरफ जाने से जीत तक पहुचाने की आदत लगाने वाले माही जैसे बहुत खिलाड़ी आयेंगे पर शायद ये अपने नीली जर्सी में नहीं दिखेंगे. क्रिकेट के अलावा इनके कई और शौक भी रहे जिनमें
फुटबॉल भी है. वे अपने स्कूल की टीम में गोलकीपर थे. फुटबॉल के बाद उन्हें बैडमिंटन भी ख़ूब पसंद था.
इन खेलों के अलावा धोनी को मोटर रेसिंग से भी ख़ासा लगाव रहा है.
माही अपने बालों के स्टाइल के लिए भी मशहूर रहे हैं.
महेंद्र सिंह धोनी 2011 में भारतीय सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल बनाए गए. धोनी कई बार ये कह चुके हैं कि भारतीय सेना में शामिल होना उनके बचपन का सपना था. सायद हो ना हो यही कारण हो सकता है कि उन्होंने 15 अगस्त को सन्यास लेने को सही समय समझा हो.
2015 में आगरा स्थित भारतीय सेना के पैरा रेजिमेंट से पैरा जंप लगाने वाले पहले स्पोर्ट्स पर्सन बने.
धोनी की पहली नौकरी भारतीय रेलवे में टिकट कलेक्टर के तौर पर मिली. इसके बाद वे एन श्रीनिवासन की कंपनी इंडिया सीमेंट्स में अधिकारी भी बनाये गये.
इतने उपलब्धियों के बाद माही का सपना भारतीय सेना में शामिल होना ही सर्वोपरि लगता है. हमें माही की हेलिकाप्टर शॉर्ट, विकेट कीपींग और टीम भावना की कमी हमेशा रहेगी.
झारखंड के मुख्यमंत्री सोरेन का मानना है कि माही का एक फेयरवेल मैच राँची में भी हो जिसका गवाह पूरा विश्व बनेगा.

Report by: Dighvijay kr.

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