पटना:जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में जिस तरह महिलाओं ने रिकाॅर्ड स्तर पर मतदान किया है, वह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि राज्य की आधी आबादी ने एक बार फिर विकास, स्थिरता और सुशासन के पक्ष में मतदान किया है। महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक होना अपने आप में एक बड़ा सामाजिक संकेत है – यह दिखाता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार द्वारा पिछले वर्षों में महिला सशक्तीकरण के लिए उठाए गए ठोस कदमों ने समाज में गहरी पैठ बनाई है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में महिलाओं के उत्थान के लिए जो योजनाएँ लागू की गईं । जैसे मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, जीविका समूहों को सशक्त बनाना, पंचायतों में 50ः आरक्षण, साइकिल और पोशाक योजनाएँ, तथा महिला सुरक्षा एवं रोजगार से जुड़ी नीतियाँ । उन्होंने महिलाओं के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाया है। इसी विश्वास ने महिलाओं को मतदान केंद्रों तक बड़ी संख्या में पहुँचने के लिए प्रेरित किया।
प्रथम चरण की बंपर वोटिंग इस बात का प्रमाण है कि बिहार की महिलाएँ सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि परिवर्तन की दिशा तय करने वाली निर्णायक शक्ति बन चुकी हैं। वे जानती हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने उनके सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए ठोस कार्य किए हैं।
अब जब विधानसभा चुनाव की दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होने जा रही है, यह आशा की जा रही है कि महिलाएँ इसी तरह बढ़-चढ़कर मतदान करेंगी और अपने वोट से इस विश्वास की पुनः पुष्टि करेंगी कि बिहार का भविष्य सुशासन और समान अवसरों की नीति पर ही सुरक्षित है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार बिहार की हर बेटी, हर बहन और हर माँ के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ खड़ी है। महिलाओं की यह जागरूकता और उनकी बढ़ती राजनीतिक सहभागिता बिहार की प्रगति की असली पहचान है।