बिहार में 5 मई से लेकर 15 मई तक के लॉकडाउन की घोषणा

बिहार में 5 मई से लेकर 15 मई तक के लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई है। इस निर्णय के बाद प्रसिद्ध समाजसेवी एवं एनडीए के वरिष्ठ नेता राजा चौधरी ने अपना प्रेस नोट जारी कर कहा है कि कोरोना के साथ जीने में स्वयं, अपनों, समाज और सरकार का साथ दें। कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए उनके चार सूत्र चुस्त रहें, व्यस्त रहें, मस्त रहें, स्वस्थ रहें का पूर्ण रूप से सभी पालन करें और सभी सरकारी निर्देशों का पूर्ण पालन करें। कोरोना संक्रमण से घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, जरूरत है कोरोना के साथ जीने की कला को सीखने की। अपने आप को मानसिक रूप से बलिष्ठ बनाने की और अपने शरीर के अंदर के इम्यूनिटी पावर को बढ़ाने की। बिहार सदैव हर परिवर्तन के समय पूरे देश में अग्रणी रहा है, इसलिए कोरोना के साथ जीने की कला को सीखने के लिए बिहार को ही अग्रणी के रूप में तैयार होना पड़ेगा। हर बिहार वासी का यह कर्तव्य है कि इस कार्य में सभी अपना सकारात्मक सहयोग करें। अपना नंबर आने पर टीका अवश्य लें और टीका लेने के बाद दिनचर्या की पूर्ण प्रक्रिया का सही ढंग से पूर्ण पालन करें। टीका के बारे में समाज में फैली निरर्थक अफवाहों से खुद को दूर रखें और औरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। टीका लेने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपकी इम्यूनिटी पावर बढ़ जाएगी, जिससे कोरोना आपके शरीर में आकर भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। चौधरी ने इसके लिए केंद्र व राज्य सरकारों से यह आग्रह किया है कि टीकाकरण के साथ लोगों को पूर्ण टीकाकरण के सर्किल के दौरान सही दिनचर्या का एक प्रारूप लिखित रूप से दे, जिससे भारतवर्ष के हर नागरिक को इस बात का ज्ञान रहे कि टीका लेने के पूरे सर्किल को किस तरह सुचारू रूप से पूर्ण किया जाए। अगर भारतवर्ष के सभी नागरिक टीकाकरण के पूर्ण सर्किल को सही ढंग से पूरा कर पाए तो भारतवर्ष कोरोना मुक्त राष्ट्र बन जाएगा।
चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पुनः आग्रह किया है कि टीकाकरण को भारतवर्ष के सभी नागरिकों के लिए निशुल्क किया जाए और साथ ही शुल्क देने की ऐच्छिक प्रक्रिया का भी का एक प्रावधान दिया जाए, जिससे सक्षम लोग अपने सुविधा के अनुसार अगर चाहें तो सरकार को टीका का मूल्य चुका सकें। निशुल्क टीकाकरण भारतवर्ष के हर नागरिक का मौलिक अधिकार एवं केंद्र सरकार का मौलिक दायित्व है, इसे अविलंब लागू किया जाए। सर्वप्रथम बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने बिल्कुल सही निर्णय लेते हुए बिहार के सभी नागरिकों को निशुल्क टीकाकरण का घोषणा की, जिसके बाद अभी तक 24 राज्यों में इसकी घोषणा दोहरायी जा चुकी है। यह दर्शाता है कि इस मांग से सभी सहमत हैं। केंद्र सरकार के एक और दायित्व के तरफ चौधरी ने ध्यान आकर्षित करने का प्रयास करते हुए कहा है कि प्रेस, मीडिया और सोशल मीडिया के ऊपर लगातार चल रहे नकारात्मक और भ्रामक खबरों पर अंकुश लगाया जाए और उन्हें पूर्ण रूप से रोकने की व्यवस्था की जाए। साथ ही भारतवर्ष के सभी राजनीतिज्ञ, डॉक्टर्स, समाजसेवी एवं मीडियाकर्मी कोरोना से संबंधित सही जानकारियां तथ्यों के साथ लगातार मीडिया, प्रेस एवं सोशल मीडिया के माध्यम से देते रहें। इस कार्य का फायदा यह होगा कि लोगों के बीच फैली भ्रांतियां कम होगी और आम नागरिकों के सकारात्मकता तथा आत्मबल बढ़ाया जा सकेगा। विपक्ष की सकारात्मक भूमिका भी इन कार्यों में काफी हद तक मददगार साबित होंगी। विपक्ष अपना सामाजिक दायित्व का निर्वहन करे और जनसाधारण के साथ सेवा भाव से जुड़े रहें।
चौधरी ने सभी बिहार वासियों को यह आगाह किया है कि इस लॉकडाउन में दिए गए सभी सरकारी निर्देशों का पूर्ण रूप से सकारात्मकता के साथ पालन करें अन्यथा लॉकडाउन और बढ़ाया भी जा सकता है। अगर 11 दिनों के इस लॉकडाउन का पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा तो काफी हद तक कोरोना संक्रमण के विभीषिकाओं पर अंकुश लगाया जा पाएगा।

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