Black Fungus देश में तेजी से पांव पसार रहा है

देश इस समय कोरोना के कहर से परेशान है, इस बीच ब्लैक फंगस ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है. एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने बताया कि स्टेरॉयड्स के दुरुपयोग से फंगल इन्फेक्शन हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि डायबिटीज के मरीज जिसे कोरोना संक्रमण है, उन्हें अगर स्टेरॉयड दिया जा रहा है तो फंगस का खतरा ज्यादा रहेगा.डायबिटीज जिसका बहुत ज्यादा है, जिसका इम्युनिटी बहुत कम है. कैंसर के ऐसे मरीज जो कीमोथैरपी पर हैं. उनमें इसका खतरा अधिक होता है.

ब्लैक फंगस संक्रमण के लक्षण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार साइनस की परेशानी, नाक का बंद हो जाना, आधा चेहरा सुन्न पड़ जाना, आंखों में सूजन, धुंधलापन, सीने में दर्द उठना, सांस लेने में समस्या होना एवं बुखार होना म्यूकरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस संक्रमण के लक्षण हैं.

 महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में यह बीमारी के मरीज देखे जा रहे हैं. सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र से हैं. म्यूकरमाइकोसिस के नाम से जाना जाने वाला ब्लैक फंगस संक्रमण म्यूकर नामक फंगस के कारण होता है ।

हरियाणा सरकार ने ब्लैक फंगस को अधिसूचित रोग घोषित कर दिया है. हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इसके बारे में जानकारी दी. बताया कि यदि इस बीमारी के मामले सामने आते हैं तो डॉक्टरों को संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को इसकी जानकारी देनी होगी.

महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस से अब तक 52 लोगों की मौत हो चुकी है. महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस के 1500 मामले सामने आये हैं.महाराष्ट्र के पुणे में म्यूकरमाइकोसिस के करीब 270 मामले सामने आये हैं. इसके बाद सरकार ने एसओपी जारी किया है.

केरल CM पिनाराई विजयन ने बताया कि महाराष्ट्र और गुजरात में पाए गए फंगल संक्रमण के कुछ मामले केरल में भी देखे गए हैं. COVID से पहले भी इस बीमारी की सूचना मिली थी. राज्य चिकित्सा बोर्ड अध्ययन के लिए नमूने एकत्र कर रहा है.

इधर यूपी और झारखंड में भी ब्लैक फंगस के मामले सामने आये हैं. यूपी अपर मुख्य सचिव सूचना ने बताया कि ब्लैक फंगस नाम की बीमारी सामने आई है. CM ने स्वास्थ्य विभाग को इस बारे में विशेषज्ञों की कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं ।

Leave a Comment

+ 50 = 56