गुप्तेश्वर पांडे को विधान परिषद नहीं भेजने पर ब्राह्मण समाज में आक्रोश समाज ने उपेक्षा का लगाया आरोप|

पटना:- राज्यपाल कोटे से 12 सीटों पर विधान परिषद उम्मीदवारों के मनोनयन पर अखिल भारतीय बहुभाषीय ब्राह्मण महासंघ(रजी0) ने नीतीश कुमार पर ब्राह्मण समाज का उपेक्षा का आरोप लगाया हैं।

संगठन के युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रजनीश कुमार तिवारी ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि एक बार फिर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के द्वारा ब्राह्मण को ठगा एवं उपेक्षित किया गया हैं| राज्यपाल कोटे से विधान परिषद उम्मीदवारों के मनोनयन में सामाजिक छवि के ब्राह्मण को अवसर नहीं दिया गया वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रहे बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडे जी को विधान परिषद मे मनोनयन करना चाहिए था लेकिन यहां ब्राह्मणों को सिर्फ ठगा जाता है| गुप्तेश्वर पांडे जी के साथ बिहार विधानसभा चुनाव के पूर्व भी टिकट देने के नाम पर छलावा किया गया और अब जब राज्यपाल कोटे से मनोनयन की बारी आई तब भी इन्हें उपेक्षित कर दिया गया । जिससे समाज में आक्रोश है कहीं ना कहीं इससे यह साफ स्पष्ट होता है कि ब्राह्मण समाज के प्रति नीतीश कुमार का रवैया उदासीन है। अगर ऐसा ही रहा तो आने वाले समय में नीतीश कुमार एवं उनकी पार्टी का ब्राह्मण समाज बहिष्कार करेगी रजनीश कुमार तिवारी ने कहा कि इस मनोनयन में ना कि ब्राह्मणों को बल्कि कायस्थ समाज को भी नजरअंदाज किया गया है जिसका ताजा उदाहरण इस मनोनयन पर उन्हीं के पार्टी के प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी नाराजगी जताकर जता दिया है। इस मनोनयन में सामाजिक छवि एवं जातीय समीकरण को नजरअंदाज किया गया है राज्यपाल कोटे का अपना एक अलग महत्व होता है उसमें पार्टी विशेष का हस्तक्षेप कहीं से भी ठीक नहीं है इस कोटे से वरिष्ठ अधिकारी समाजसेवी या जिसका समाज में महत्वपूर्ण भूमिका रहा हैं वैसे लोगों को इस दायित्व से सराहा जाना चाहिए लेकिन यहां नीतीश कुमार ने इन चीजों का ख्याल बिलकुल भी नहीं रखे हैं जिससे ब्राह्मण समाज में आक्रोश है और मै इसकी निंदा करता हूं।

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