आपातकाल के काले दिवस की लालू-नीतीश को विशेष बधाई- मनोज शर्मा
भारत में आपातकाल का 48वाँ सालगिरह है या यूं कहें कि उस काले दिन की आज बरसी है और इस आपातकाल की बरसी पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लालू यादव को बधाई। दोनों नेताओं को इसलिए बधाई क्यों कि आपातकाल से इनकी उपज हुई और उसी आपातकाल को लागू करने वाली कांग्रेस के गोद में आज यह खेल रहे है। इसलिए आज के इस काले दिन के लिए उनको विशेष बधाई।

48 साल में कांग्रेस ने अपनी नीतियों में कोई बदलाव नहीं किया। कांग्रेस को बताना चाहिए कि आखिर किन हालातों में देश में आपातकाल लागू किया गया था? उन्हें बताना चाहिए था कि अनुच्छेद 352 का उन्होंने उपयोग किया था या दुरुपयोग किया था? कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने किस तरह से सत्ता में बने रहने के लिये सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया था? कांग्रेसी नेता भले आज छाती पीट रहे हो लेकिन, उन्होंने स्वतंत्र भारत के इतिहास में जो बदनुमा दाग लगाया है उसे कभी मिटाया नहीं जा सकता।
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जिस तरह से लोकनायक जयप्रकाश नारायण के शिष्यों ने उनकी आत्मा को कुचला है रौंदा है, आज उनकी आत्मा रो रही होगी, बिलख रही होगी। जाहिर सी बात है आपातकाल के विरोध में राजनीति करने वाले लालू यादव और नीतीश कुमार ने अपनी ज़मीर आपातकाल लागू करने वाली कांग्रेस को गिरवी रख दी। उनके गोद में जाकर बैठ गए। जेपी की आत्मा आज अफसोस कर रही होगी कि उन्होंने क्यों ऐसे लोगों को संपूर्ण क्रांति के लिए खड़ा किया था? जिन्होंने सत्ता के लोभ में उन से हाथ मिला लिया जो लोकतंत्र के हत्यारे थे।
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